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Bharat Solanki,the Author & Publisher of SUDARSHANAM which reveals The History & Individual Development of Marwari Rajasthani People from Bagol Past till Present.

Tuesday, November 17, 2009

LIFE INSURANCE COVER TERM PLAN

वित्तीय सुरक्षा के लिए जीवन बीमा कराना सबसे जरूरी है इसके लिए प्लानिंग बेहद अहम है। अगर आप लाइफ इंश्योरेंस कराने जा रहे हैं, तो इसके लिए कोई अच्छी पॉलिसी चुनें। जीवन बीमा दूसरे किसी भी बीमा से ज्यादा जरूरी होता है इससे आपके बाद आपके परिवार को वित्तीय सुरक्षा हासिल होती है। लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में भी आपके पास कई तरह के विकल्प हैं। अगर अच्छे लाइफ इंश्योरेंस कवर की बात की जाए, तो टर्म इंश्योरेंस सबसे बेहतर है। कम से कम खर्च में बेहतर कवर के लिए टर्म इंश्योरेंस काफी अच्छा है। टर्म इंश्योरेंस में पूरा लाइफ कवर मिलता है। पॉलिसी लेने वाले की मौत पर उसके आश्रितों को पॉलिसी की पूरी रकम दी जाती है। पर इसकी एक खामी भी है वो ये कि टर्म इंश्योरेंस में बीमा की रकम केवल पॉलिसी धारक के मरने पर ही दी जाती है। अगर पॉलिसी धारक पॉलिसी की समय अवधि से ज्यादा जीता है, तो काई भी आर्थिक मदद नहीं मिलती है। प्रीमियम का भी कोई हिस्सा वापस नहीं किया जाता है। मतलब टर्म पूरा होने पर आपको कुछ भी नहीं मिलता है।

कितनी हो बीमा राशि:लोग अक्सर बीमा की राशि को लेकर परेशान होते हैं। आखिर कितनी रकम का बीमा लें जो परिवार को पूरी वित्तीय सुरक्षा दे सके। ऐसे में सबसे सामान्य तरीका है एचएलवी का आकलन करना। एचएलवी यानी ह्मूमन लाइफ वैल्यू इसमें व्यक्ति के जीवन की कीमत को आंका जाता है। इसके साथ ही बीमा कराने के लिए एक तरीका और इस्तेमाल करना चाहिए। इसमें महंगाई और दूसरे लंबे समय के खचरें का ध्यान रखा जाता है। इसके तहत बच्चों की पढ़ाई, शादी, बकाया लोन के भुगतान और दूसरे सभी खरचे और मौजूदा बचत को जोड़ें। आपके खर्च और बचत का अंतर ही आपके पॉलिसी कवर की राशि होनी चाहिए।

सिंगल प्रीमियम प्लान: टर्म इंश्योरेंस में कई तरह के प्लान होते हैं। सिंगल प्रीमियम प्लान के नाम से ही जाहिर है कि इसमें पॉलिसी के लिए एक ही बार प्रीमियम भरना होता है। एक निश्चित समय अवधि के कवर के लिए एक साथ प्रीमियम लिया जाता है।

रेगुलर प्रीमियम प्लान: अगर आप एक ही बार में पूरा प्रीमियम नहीं दे पा रहे हैं, तो आप रेगुलर प्रीमियम प्लान का विकल्प चुन सकते हैं। इसमें टर्म की अवधि पूरी होने तक हर साल प्रीमियम की एक निश्चित राशि चुकानी होती है।

टर्म प्लान में प्रीमियम की वापसी: आमतौर पर टर्म प्लान में अगर पॉलिसी धारक टर्म से ज्यादा जीता है, तो कोई भी कवर नहीं मिलता। साथ ही प्रीमियम की भी वापसी नहीं होती। पर ये प्लान और बीमा कंपनी पर निर्भर करता है। कई कंपनियों के प्लान में प्रीमियम वापसी का भी प्रावधान होता है। टर्म पूरा होने पर ब्याज के साथ या बिना ब्याज के प्रीमियम वापस किया जाता है। पर ऐसे टर्म प्लान में आम टर्म प्लान की तुलना में ज्यादा प्रीमियम लिया जाता है।

मॉर्गेज कवर टर्म एश्योरेंस: लाइफ कवर के अलावा टर्म प्लान लोन के लिए भी लिया जा सकता है। ये आपके बकाया लोन के लिए इंश्योरेंस होता है। लोन के लिए दी जाने वाली ईएमआई (मासिक किस्त) के साथ लोन की बकाया राशि घटती जाती है। और इसी के साथ इंश्योरेंस कवर की राशि भी घटती है। इस पॉलिसी के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम के लिए भी समय अवधि निश्चित की जाती है। लोन लेने वाले के मरने पर लोन की बकाया राशि के लिए कवर मिलता है। ऐसे में लोन लेने वाले के मरने पर परिवार पर लोन चुकाने का बोझ नहीं पड़ता है।

अतिरिक्त राइडर्स: टर्म पॉलिसी एक लाइफ कवर पॉलिसी होती है। इसमें पॉलिसी धारक के मरने पर ही परिवार को कवर दिया जाता है। क्रिटिकल इलनेस और दुर्घटना जैसी स्थितियों के लिए कोई कवर नहीं मिलता। ऐसे में पोलीसी पर मिलने वाले अतिरिक्त राइडर्स मदद करते हैं। टर्म पॉलिसी के साथ डबल एक्सीडेंट बेनेफिट राइडर, क्रिटिकल इलनेस बेनेफिट राइडर और डिसएबिलिटि बेनेफिट राइडर की सुविधा होती है। अपनी जरूरत के मुताबिक आप कवर लेकर इसका फायदा उठा सकते हैं।

कैसे चुनें सही प्लान:बाजार में मौजूद तमाम टर्म प्लान लगभग एक जैसे फायदे देते हैं। ऐसे में कौन सी पॉलिसी ली जाए, इसका निर्णय मुश्किल हो जाता है। विभिन्न टर्म पॉलिसी की तुलना में इसकी प्रीमियम राशि की तुलना करें। कम से कम प्रीमियम पर ज्यादा लंबी अवधि के लिए कवर देने वाला टर्म प्लान सबसे बेहतर चुनाव होगा।

कौन ले सकते हैं टर्म प्लान:ऐसे निवेशक जो व्यापार में ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं, उन्हें टर्म प्लान लेना चाहिए। अगर आप लाइफ कवर को सामान्य निवेश से अलग रखना चाहते हैं, तो टर्म प्लान बेहतर चुनाव होगा। साथ ही ऐसे लोग जो निवेश-आधारित प्लान नहीं खरीद सकते, वे टर्म प्लान ले सकते हैं। बड़ा लाइफ कवर चाहने वाले बड़े निवेशक (एचएनआई) भी टर्म प्लान में पैसा लगा सकते हैं। पर कोशिश करें की लंबी अवधि के लिए प्लान लिया जाए। निवेश की मैच्योरिटी के बाद रिटर्न पाने की उम्मीद रखने वाले लोगों के लिए टर्म प्लान नहीं है।

Sunday, November 8, 2009

BANK DEPOSIT,UNIT LINK & MUTUAL FUND PRODUCT

बैंक में फिक्स डिपॉजिट करने जाओ और आप वंहा से क्या लेकर आ रहे हैं आपको मालूम होना चाहिए क्योकि आज अधिकतर बैंक इंश्योरेंस पोलीसी बेच रही हैं कई लोगो से शिकायते मिल रही हैं की वे बैंक में सिंगल डिपॉजिट करने गए थे मगर बैंक अधिकारियो ने पूरी जानकारी दिए बिना दस साल की यूनिट लिंक बीमा पॉलिसी उनके नाम कर दी, बाद में जब ग्राहक पूछताछ करने पर जानकारी लेने बैंक जाता हैं तब बताया जाता हैं की तीन साल प्रीमियम भरना हैं और जब इसको कैंसल करने की बात आती हैं तो पच्चास हजार की पूंजी बीस हजार हाथ में आती हैं
आप बैंक में गए तो फिक्स डिपॉजिट करने और जब निकले तब आपके हाथ में बीमा पॉलिसी लेकर, पॉलिसी लेते वक्त आपको कौनसी बातो का ध्यान रखना चाहिए ?
क्या आपको मालूम हैं आप जो पॉलिसी लेने जा रहे हो उससे आपकी जररत, जैसे की बच्चो की एजुकेशन, शादी या रिटायर्मेंट की जरुररत पूरी हो जायेगी ?
आप जो पॉलिसी ले रहे हैं वह किस तरह की पॉलिसी हैं, ट्रेडीशनल, यूनिट लिंक अथवा टर्म इंश्योरेंस ?
आखिर क्या फर्क हैं इन तीनो पॉलिसी में ट्रेडीशनल यानि की वर्षो से चली आ रही बचत युक्त बंदोबस्ती और मनि बेक पॉलिसी, यूनिट लिंक यानि मार्केट इकुइटी शेअर बेस प्रोडक्ट और टर्म इंश्योरेंस का मतलब हैं सिर्फ इंश्योरेंस बिना किसी बचत या निवेश
आज कल निवेश पर अच्छा मुनाफा पाने के लिए लोग यूनिट लिंक प्रोडक्ट अधिक खरीद रहे हैं लेकिन इस तरह की पॉलिसी में रिस्क कवर होने के कारण बीमा कम्पनिया अपने बीमा चार्जेस एवं फंड मेनेजमेंट फीस के रूप में अधिकतर राशि अपने पास रख कर शेष रकम बाजार में निवेश करती हैं इसलिए जो लोग बाज़ार बेस प्रोडक्ट में निवेश करना चाहे उन्हें बीमा कंपनियों के यूनिट लिंक प्रोडक्ट लेने के बजाय म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट में निवेश करना चाहिए और टर्म इंश्योरेंस बीमा कम्पनी से खरीद ले ताकि निवेश का पूरा हिस्सा निवेश हो जाता हैं और अतिरिक्त शुल्क से बच सकते हैं एस्सेट मेनेजमेंट कंपनिया म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट में बीस से तीस प्रतिशत वार्षिक मुनाफा लोंग टर्म सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान में दे रही हैं उनमे टाटा, बिरला, रिलायंस और एचडीऍफ़सी आदि कई कम्पनिया प्रमुख हैं जो छोटे-छोटे निवेशको की मार्केट में निवेश की रूचि को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित निवेश की सलाह उपलब्ध कराने के लिए एम्प्फी प्रमाणित एडवाइजर भी नियुक्त कर रखे हैं
लेखक पिछले बीस साल से बीमा, वित् एवं निवेश फाइनेंस कारोबार से जुड़े हुए हैं आप अपनी टिप्पणी और सवाल उपरोक्त विषय पर जरुर करे ।

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