सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान सिप क्या है ?
सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानि सिप नियमित रूप से निवेश के सिद्धांत पर काम करता है। यह आपके आवर्ती जमा की तरह है जिसमें आप हर महिने कुछ छोटी राशि डालते हैं।
ये आपको एक बार में भारी पैसा निवेश करने की जगह म्यूचुअल फंड में कम अवधि का (मासिक या त्रैमासिक) निवेश करने की आजादी देता है। SIP आपको एक म्युचुअल फंड में एकसाथ 5,000 रूपये के निवेश की बजाय 500 रूपये के 10 बंटे हुये निवेश की सुविधा देता है । इससे आप अपनी अन्य वित्तीय जिम्मेदारियों को प्रभावित किये बिना म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। SIP कैसे काम करता है ये बेहतर समझने के लिये आपको Rupee cost averaging और धन के जुङते रहने की शक्ति (power of compounding) को समझना जरूरी है। SIP एक औसत आदमी की पहुंच के करीब म्यूचुअल फंड निवेश को ले आया है क्योंकि यह उन तंग बजट लोगों को भी निवेश करने योग्य बनाता है जो एक बार में बङा निवेश करने के बजाय 500 या 1,000 रूपये नियमित रूप से निवेश कर सकते हैं।
SIP के माध्यम से छोटी छोटी बचत करना शायद पहली बार में आकर्षक न लगे लेकिन ये निवेशकों को बचत की आदत डालता है और बढते वर्षों में ये आपको सुंदर प्रतिलाभ (रिटर्न) देते हैं। 2,000 रूपये महिने का एक SIP का धन 20% की दर से 10 वर्षों में बढकर 6.88 लाख रूपये, 20 साल में 49.52 लाख रूपये और 25 साल में 125.20 लाख तक हो सकता है। यही नही धनी लोगों को भी ये गलत समय और गलत जगह पर निवेश करने की आशंका से बचाता है। हांलाकि SIP का असली फायदा निचले स्तर पर निवेश करने से मिलता है।
SIP के अन्य लाभों में शामिल हैं—
अनुशासित निवेश-अपने धन कोष को सुरक्षित बनाये रखने के तीन मुख्य नियम हैं- निवेश जल्दी शुरू करे,सही एस्सेट क्लास चुने और लगातार नियमित निवेश करें । अपने निवेशों पर ध्यान केन्द्रित रखें और अपने निवेश के तरीके में अनुशासन बनाये रखें। हर महिने कुछ राशि अलग निकालने से आपकी मासिक आमदनी पर अधिक अन्तर नही पङेगा। आपके लिये भी बङे निवेश हेतु इकट्ठा पैसा निकालने से बेहतर होगा कि हर महिने कुछ रूपये बचाये जायें। जंहा आठ प्रतिशत की गारंटी वाली इस्किम में पांच हजार प्रति माह के बतीश साल में 19.20 लाख के निवेश पर सिर्फ 84 लाख बनता हैं तो राइट अस्सेट क्लास में निवेश करने पर बीस प्रतिशत की दर से 11.3 करोड़ का फंड बनता हैं।
रूपये के जुङते रहने की शक्ति [Power of Compounding] हर एक व्यक्ति को हमेशा जल्दी निवेश शुरू करना चाहिये इसका एक मुख्य कारण है चक्रवृद्धि ब्याज मिलने का लाभ। चलिये इसे एक उदाहरण से जानें। राम 25 साल की उम्र से 5,000 रूपये हर माह बचाना शुरू करता है,वहीं श्याम 10000 रुपये बचाता है लेकिन 40 साल की आयु से। जब 60 साल की उम्र में दोनों अपना निवेश किया हुआ पैसा प्राप्त करते हैं तो राम का फंड 5.71 करोड़ होता है जबकि श्याम को केवल 1.33 करोड़ । इस उदाहरण में हम देख सकते हैं की राम ने सिर्फ 21 लाख जबकि श्याम ने 24 लाख के निवेश के बावजूद राम को अधिक धन मिलता हैं । तो ये साफ है कि शुरू में किया गया निवेश का फर्क आखिरी फंड पर चार करोड़ से ज्यादा का प्रभाव डालता है। ये रूपये के जुङते रहने की शक्ति (Power of compounding) के कारण होता है। जितना लंबा समय आप निवेश करेंगे उतना ज्यादा आपको रिटर्न मिलेगा। इससे पता चलता है कि देर से निवेश करने में समान धन डालने पर भी व्यक्ति शुरू में मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज के फायदे को खो देता है।
रूपये की कीमत का औसत( Rupee Cost Averaging) ये मुख्य रूप से शेयरों में निवेश के लिये उपयोगी है। जब आप एक फंड में लगातार अंतराल पर समान धन का निवेश करते हैं तो रूपये की कम कीमत के समय में आप शेयर की ज्यादा यूनिट खरीदते हैं। इस प्रकार समय के साथ आपकी प्रति यूनिट औसत कीमत कम होती जाती है। यह रूपये की औसत लागत की नीति होती है जो एक लंबी अवधि के समझदार निवेश के लिये बनाई गयी है। ये सुविधा अस्थिर बाजार में निवेश के खतरे को कम करती है और बाजार के उतार चढाव भरे सफर में आपको सहज बनाये रखती है। जो लोग SIP के माध्यम से निवेश करते हैं वे बाजार के उतार के समय को भी उतनी ही अच्छी तरह संभाल सकते हैं जैसे वो बाजार के चढाव के समय को। SIP के द्वारा आप के निवेश की औसत लागत कम होती है , तब भी जब आप बाजार के उँचे या नीचे सभी प्रकार के दौर से गुजरते हैं।
सुविधाजनक: ये निवेश का बहुत ही आसान तरीका है। आपको केवल पूरे भरे हुये नामांकन फॉर्म के साथ एक चेक और ऑटो डेबिट ईसीएस फॉर्म म्यूचु्अल फंड में जमा करना होगा जिससे आपके द्वारा तय तारीख पर हर माह निश्चित राशि आपके बैंक खाते से डेबिट हो जायेगी और आपके फंड खाते में शेयर यूनिट आ जायेंगी ।इसके लिए आप अधिकृत वितीय सलाहकार की सेवा भी ले सकते हैं ।
अन्य लाभ• SIP निवेश में पैसा डालने या निकालने पर कोई टैक्स या शुल्क नही है। इसमें कैपिटल गेन पर लगने वाला टैक्स (जहां भी लागू होता है) निवेश करने के समय अवधि पर निर्भर होता है।
